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सोमवार, 31 मार्च 2025

अस्तित्व: दृष्टा और दृश्य का एकत्व

 अस्तित्व: दृष्टा और दृश्य का एकत्व





अस्तित्व क्या है? यह प्रश्न जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही गूढ़ भी है। हम जो कुछ देखते हैं, सुनते हैं, अनुभव करते हैं—क्या वही अस्तित्व है? या फिर अस्तित्व कुछ ऐसा है, जो अनुभव करने वाले से परे है? अद्वैत वेदांत हमें यह समझाता है कि सृष्टि और सृष्टा दो नहीं, बल्कि एक ही हैं। जो प्रकट और अप्रकट है, वह सब अस्तित्व है। इसे दो आयामों में देखा जा सकता है—दृष्टा (अनुभवकर्ता) और दृश्य (अनुभव)। इसके अन्यत्र भी दृष्टिकोण हैं अस्तित्व को समझने के। तो आइए इन पर एक दृष्टि डालते हैं दृष्टा और दृश्य के भेद को समझने के लिए --