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गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

अनुभव क्या है ? कितने प्रकार के हैं ? कैसे होते हैं ? किसको होते हैं ?



मैं - "कहो मित्र कैसे हो?"

साक्षी जी  - "मैं बिल्कुल अच्छा हूँ, मित्र! तुम्हारा हाल-चाल कैसा है? क्या चल रहा है तुम्हारे मन मे ?"

मैं - "कहो, अनुभव किसे कहते हैं ?"

साक्षी जी - " अनुभव वह ज्ञान या समझ है जो हमें प्रत्यक्ष रूप से किसी घटना, परिस्थिति, या क्रिया के माध्यम से प्राप्त होता है। इसे केवल पढ़कर या सुनकर नहीं सीखा जा सकता, बल्कि यह जीवन के साथ जीकर, महसूस करके और सीखकर अर्जित किया जाता है।

अनुभव के कुछ प्रमुख पहलू हैं:

सोमवार, 31 मार्च 2025

अस्तित्व: दृष्टा और दृश्य का एकत्व

 अस्तित्व: दृष्टा और दृश्य का एकत्व





अस्तित्व क्या है? यह प्रश्न जितना सरल प्रतीत होता है, उतना ही गूढ़ भी है। हम जो कुछ देखते हैं, सुनते हैं, अनुभव करते हैं—क्या वही अस्तित्व है? या फिर अस्तित्व कुछ ऐसा है, जो अनुभव करने वाले से परे है? अद्वैत वेदांत हमें यह समझाता है कि सृष्टि और सृष्टा दो नहीं, बल्कि एक ही हैं। जो प्रकट और अप्रकट है, वह सब अस्तित्व है। इसे दो आयामों में देखा जा सकता है—दृष्टा (अनुभवकर्ता) और दृश्य (अनुभव)। इसके अन्यत्र भी दृष्टिकोण हैं अस्तित्व को समझने के। तो आइए इन पर एक दृष्टि डालते हैं दृष्टा और दृश्य के भेद को समझने के लिए --